राजेश उत्साही मेरे युवा अवस्था के मित्र है। फिर ऐसा समय आया कि हमारे पारिवारिक जुड़ाव भी हो गए। वे कुशल संपादक है। उन्होंने लघुकथा से अधिक कविताएं लिखी है।
यहाँ द्वीप लहरी से साभार एक लघुकथा
राजेश उत्साही
इंदुमति और श्रीपाद श्रीनिवास की स्मृति को समर्पित साहित्यिक अव्यवसायिक ब्लाॅग पत्रिका