रविवार, 28 फ़रवरी 2021

मॉरिशस से

 




श्री रामदेव धुरंधर जी की लघुकथा विनाश कोरोना काल से पूर्व की है, लेकिन कोरोना काल में भी कितनी सार्थक है। सुन्दर लघुकथा है, पढिए:- 

 एक समसामयिक लघुकथा। वास्तव में सपनों को पूरा करने के लिए कितना कुछ करना होता है। अपने सपनों का देश युगों में हो सकेगा। 







     हिन्दी  की सशक्त लेखनी के जादूगर 


              मॉरिशस में  




पुनर्वास की भावना तभी फलीभूत होगी जब एक जुट कर्म किए जाए ।