श्री रामदेव धुरंधर जी की लघुकथा विनाश कोरोना काल से पूर्व की है, लेकिन कोरोना काल में भी कितनी सार्थक है। सुन्दर लघुकथा है, पढिए:-
एक समसामयिक लघुकथा। वास्तव में सपनों को पूरा करने के लिए कितना कुछ करना होता है। अपने सपनों का देश युगों में हो सकेगा।
हिन्दी की सशक्त लेखनी के जादूगर
मॉरिशस में
पुनर्वास की भावना तभी फलीभूत होगी जब एक जुट कर्म किए जाए ।




