रविवार, 29 मार्च 2020

लघुकथा मयूर पंख की बात लघुकथाकार अर्विना गहलोत


लघुकथा संकलन
नई सदी की धमक
सम्पादक मधुदीप
दिशा प्रकाशन, दिल्ली
लघुकथा मयूर पंख
कथाकारा अर्विना गहलोत
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         अंजली बच्चे का दाखिला उच्च शिक्षण संस्थान मे करा कर लौटी, तो उसे अपने अतीत के सुनहरे पल याद हो आये।
बारह वर्ष हो गये सितार की स्वर लहरी का आनंद लेने का समय ही नहीं मिला।
वास्तव मे माता - पिता अपने बच्चो की परवरिश के लिये उन्हे अच्छी तालिम देने के लिये कितना त्याग करते है, इसकी बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ती लेखिका द्वारा इस लघुकथा मे की गयी है।
सारगर्भित, सार्थक लघुकथा के लिए बधाई।

उदय श्री. ताम्हणे
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