लघुकथा
रचनाकार
किसी समय की बात है, एक कवि को लघुकथा लिखने की सूझी। उसने झटपट लघुकथा लिखी।
अब उसे सुनिश्चित करना था लघुकथा ठीक ठाक हैं। सो उसने एक समुदाय में अपनी
लघुकथा प्रस्तुत की ओर इंतजार करने लगा प्रतिक्रिया की।
अब उसे सुनिश्चित करना था लघुकथा ठीक ठाक हैं। सो उसने एक समुदाय में अपनी
लघुकथा प्रस्तुत की ओर इंतजार करने लगा प्रतिक्रिया की।
अनेकानेक प्रतिक्रिया आई भी, लेकिन ऐसी जैसे:
कवि महाराज लघुकथा की दुनिया में प्रवेश की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
लघुकथा लिखना आसान नहीं बरखुर्दार। अब तो जिसे देखों वहीं लघुकथा लिख रहा है।
कवि महाराज लघुकथा की दुनिया में प्रवेश की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
लघुकथा लिखना आसान नहीं बरखुर्दार। अब तो जिसे देखों वहीं लघुकथा लिख रहा है।
लघुकथा लिखने के लिए दिमाग़ में महीनों मंथन करना पड़ता हैं। तुम कविता लिख लो वहीं बहुत है।
लघुकथा यथार्थ होती है कल्पना नहीं जनाब।
यह कविता का समुदाय हैं, इसमें लघुकथा का क्या काम? ये कौन है! बाहर करो इसको।
ढेरों प्रतिक्रिया पढ़ने के बाद रचनाकार ने समुदाय छोड़ दिया था।
उदय श्री ताम्हणे
