गीतकार नीरज से क्षमा सहित
सत्यकथा में घोली जाय थोडी सी कल्पनाकथा उसमें फिर मिलाए जाय थोड़े से संकेत और जो तैयार हो वह लघुकथा है यार " उदय श्री "।
उदय श्री ताम्हणे
भोपाल मध्यप्रदेश
भारत
इंदुमति और श्रीपाद श्रीनिवास की स्मृति को समर्पित साहित्यिक अव्यवसायिक ब्लाॅग पत्रिका