लघुकथा
माँ के लिए
हम पति-पत्नी मंदिर में दर्शन करके जब बाहर निकले, तो देखा पत्नी की नयी की नयी चप्पल गायब थी। हम परेशान होकर इधर-उधर ढूँढ़ने लगे, तभी मेरी नजर एक गरीब से दिखने वाले पाँच-छह साल के बच्चे पर पड़ी, जो पत्नी की चप्पल लेकर जारहा था।
मैं तेज कदमों से उसके नजदीक पहुँचा, और उसे रोकते हुए पूछा --"बेटा ! आप ये चप्पल लेकर कहाँ जारहे हो ?"
"घर जारहा हूँ।"
"ये चप्पल तुम कहाँ से लाये ?"
"मंदिर के बाहर से ।"
"बेटा ! तुम इस चप्पल का क्या करोगे ?"
"मैं इसे अपनी माँ को दूँगा।"
"माँ को दोगे..."
"हाँ...क्योंकि मेरी माँ के पास चप्पल नहीं है। हम लोग गरीब हैं।"
"लेकिन बेटा ! ये तो चोरी की चप्पल है ।"
"चोरी ! ये चोरी क्या होती है ?"
"बेटा ! किसी की इजाज़त के बिना उसकी कोई चीज़ ले लेना, चोरी कहलाती है। जो बुरी बात है।"
"मुझे तो ये मालूम नहीं था।" इतना कहकर वह बालक कुछ सोचने लगा। फिर कुछ सोचने के बाद वह मुड़ा, और मंदिर की तरफ जाने लगा, तब मैने उसे रोककर पूछा--"बेटा ! तुम कहाँ जारहे हो ?"
"मंदिर।"
"क्यों ?"
"चप्पल रखने।"
"मत जाओ बेटा ! तुम अब ये चप्पल लेजाकर अपनी माँ को दे दो।"
"लेकिन ये तो चोरी की है।"
"अब ये चोरी की नहीं है ।"
"वो कैसे ?"
"क्योंकि ये हमारी चप्पल है। हम तुम्हें इसे ले जाने की इजाज़त देते हैं।"
यह सुनकर वह बालक बहुत खुश हुआ, और फिर खुशी-खुशी चप्पल लेकर अपने घर की ओर चल दिया।
उसके जाते ही पत्नी आई, और आते ही पूछने लगी --"अरे...आपने उसे चप्पल क्यों ले जाने दिया ?"
"क्योंकि वो अपनी माँ के लिए ले जारहा था। चलो मैं तुम्हें दूसरी दिला देता हूँ।"
राम मूरत 'राही'
परिचय
नाम : राम मूरत 'राही'
जन्म : 08 -10 -1959
जन्म स्थान : बस्ती (उप्र)
शिक्षा : एचएससी
लेखन : 1980 से सतत बाल कहानियाँ, पत्र लेखन, गज़लें, कविताएँ, लघुकथाएँ, व्यंग्य, समीक्षा एवं संस्मरण लेखन में भी सक्रिय।
प्रकाशन : देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र-पत्रिकाओं में।
प्रकाशित कृतियाँ : एकल लघुकथा संग्रह 'अंतहीन रिश्ते' (2019) तीन लघुकथा संकलन एवं तीन कविता संकलन में साझेदारी। लघुकथाएँ अंग्रेजी, पंजाबी, मराठी, गुजराती व उड़िया भाषा में अनुदित व प्रकाशित।
पुरस्कार/सम्मान : अखिल भारतीय माँ शकुंतला कपूर स्मृति लघुकथा प्रतियोगिता - 2018-19 (हरियाणा) में 'श्रेष्ठ लघुकथा' का पुरस्कार। 'सामाजिक आक्रोश' सहारनपुर (उप्र) द्वारा आयोजित अ.भा.लघुकथा प्रतियोगिता - 2020 में द्वितीय पुरस्कार। कथादेश (नई दिल्ली) अ.भा.लघुकथा प्रतियोगिता -12 में पुरस्कृत। क्षितिज साहित्य मंच, इंदौर व्दारा 2019 में 'लघुकथा विशेष उपलब्धि सम्मान'। साहित्यनामा द्वारा आयोजित लघुकथा प्रतियोगिता में 'क्रिएटर ऑफ दि वीक' घोषित। विश्व हिन्दी रचनाकार मंच, दिल्ली व्दारा 'अटल हिन्दी सम्मान'। साहित्यनामा पत्रिका द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में कविता के लिए 'Certificate of emergence'। साहित्य संवेद गज़ल प्रतियोगिता - 2020 में गज़ल पुरस्कृत। पत्र लेखक मंच जावरा (मप्र) व्दारा सर्वाधिक पत्र लेखन का पुरस्कार। श्री माणिकचन्द्र वाजपेई (मामाजी) पत्र लेखन सम्मान (इंदौर)। नईदुनिया (इंदौर) में तीन बार एवं दैनिक ट्रिब्यून (चंडीगढ़) में एक बार पुरस्कृत पत्र प्रकाशित।
संबद्ध : क्षितिज साहित्य मंच।
संप्रति : म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त। स्वतंत्र लेखन।
संपर्क -- 168 - बी, सूर्यदेव नगर,
इंदौर -- 452009 (म.प्र.)
चलभाष : 094245-94873
ई-मेल -- rammooratrahi@gmail.com
