मंगलवार, 10 मार्च 2020

सौंदर्य बोध



गद्य क्षणिका
*
सौंदर्य बोध
*
                मैंने पत्नि से कहा: "सुंदर होना चाहिए, तुम सुंदर हो।"
                 उसने गर्दन उठा कर मेरी आंखों में झांका।
                मैंने फिर कहा:  "साठ की उम्र में तुम चालीस की लगती हो।"
           वह बोली: "आप जो मेरा इतना ख्याल रखते हो।"
            "क्या ख्याल रखता हूं?" मैं अनजान बना।
              उसने बी पी की गोली निगल कर  पानी का ग्लास मेज़ पर रखा और कहा: "मेरे सम्मान का !"

*
उदय श्री. ताम्हणे
भोपाल मध्यप्रदेश