गद्य क्षणिका
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सौंदर्य बोध
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मैंने पत्नि से कहा: "सुंदर होना चाहिए, तुम सुंदर हो।"
उसने गर्दन उठा कर मेरी आंखों में झांका।
मैंने फिर कहा: "साठ की उम्र में तुम चालीस की लगती हो।"
वह बोली: "आप जो मेरा इतना ख्याल रखते हो।"
"क्या ख्याल रखता हूं?" मैं अनजान बना।
उसने बी पी की गोली निगल कर पानी का ग्लास मेज़ पर रखा और कहा: "मेरे सम्मान का !"
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उदय श्री. ताम्हणे
भोपाल मध्यप्रदेश

