होम वर्क लघुकथा
उदय श्री. ताम्हणे
रामलाल जी सेवा निवृत हुए तो घर के कामो में हाथ बांटने लगे , किन्तु परिवार वालो को कुछ न कुछ उनके काम में मीन मेख दिख ही जाता ! मायूस होकर
अब रामलाल जी टी वी देखने में समय बिताने लगे ! एक दिन परिवार के किसी सदस्य का जुमला आ ही गया ! टी वी देखने से फुर्सत मिले तब न ?
रामलाल जी कुछ लिख रहे थे कि मोन्टी कमरे में आया
" दादा जी ! आपने मेरा पेन लिया है , मुझे वापस करो , होम वर्क करना है ! "
उसके दादा जी ने कहा " हां मोन्टी ! अपना पेन वापस ले जाओ पर मेरा एक काम करो ! "
" जी "
" तेरे पापा ने फेसबुक पर मेरा जो अकॉउंट बनाया है , उसमे यह पोस्ट कर दो कहते हुये, उन्होंने कॉपी का पन्ना और एक कागज का पुर्जा मोन्टी को दिया जिसपर उनका आई डी और कोड नम्बर लिखा था !
" जी दादा जी "
मोन्टी ने लेपटॉप लिया और तुरंत कॉपी के पन्ने पर उनका लिखा लेख टाइप कर पोस्ट कर दिया ! ठीक है ! अब आप अपना होमवर्क कर लीजिये !
शाम को मोन्टी होम वर्क पूरा कर खेलने जाने लगा तो राम लाल जी ने कहा " मोन्टी जरा मेरा फेसबुक अकॉउंट खोल कर देखना ! "
मोन्टी ने दादा जी कि टाइम लाइन वाल खोली और चहक उठा " दादा जी ! इस पर तो ५५ लाइक और साथ ही ४ बधाई सन्देश भी है ! "
दादाजी के मुख मंडल पर आत्म संतुष्टि के भाव स्पष्ट परिलक्षित हो रहे थे ! 00
पता : एच - ए 118/71, शिवाजी नगर,
भोपाल - 462003 मध्य प्रदेश
उदय श्री. ताम्हणे
रामलाल जी सेवा निवृत हुए तो घर के कामो में हाथ बांटने लगे , किन्तु परिवार वालो को कुछ न कुछ उनके काम में मीन मेख दिख ही जाता ! मायूस होकर
अब रामलाल जी टी वी देखने में समय बिताने लगे ! एक दिन परिवार के किसी सदस्य का जुमला आ ही गया ! टी वी देखने से फुर्सत मिले तब न ?
रामलाल जी कुछ लिख रहे थे कि मोन्टी कमरे में आया
" दादा जी ! आपने मेरा पेन लिया है , मुझे वापस करो , होम वर्क करना है ! "
उसके दादा जी ने कहा " हां मोन्टी ! अपना पेन वापस ले जाओ पर मेरा एक काम करो ! "
" जी "
" तेरे पापा ने फेसबुक पर मेरा जो अकॉउंट बनाया है , उसमे यह पोस्ट कर दो कहते हुये, उन्होंने कॉपी का पन्ना और एक कागज का पुर्जा मोन्टी को दिया जिसपर उनका आई डी और कोड नम्बर लिखा था !
" जी दादा जी "
मोन्टी ने लेपटॉप लिया और तुरंत कॉपी के पन्ने पर उनका लिखा लेख टाइप कर पोस्ट कर दिया ! ठीक है ! अब आप अपना होमवर्क कर लीजिये !
शाम को मोन्टी होम वर्क पूरा कर खेलने जाने लगा तो राम लाल जी ने कहा " मोन्टी जरा मेरा फेसबुक अकॉउंट खोल कर देखना ! "
मोन्टी ने दादा जी कि टाइम लाइन वाल खोली और चहक उठा " दादा जी ! इस पर तो ५५ लाइक और साथ ही ४ बधाई सन्देश भी है ! "
दादाजी के मुख मंडल पर आत्म संतुष्टि के भाव स्पष्ट परिलक्षित हो रहे थे ! 00
पता : एच - ए 118/71, शिवाजी नगर,
भोपाल - 462003 मध्य प्रदेश
