शनिवार, 27 जून 2020

लघुकथा : जन्म कुंडली


लघुकथा 

उदय श्री ताम्हणे


जन्म कुंडली 



                रीतिका के पिता अपनी लाडली बिटिया के लिए वर की तलाश में थे.  
               एक विवाह योग्य  युवक का पता लगते ही वे उसके माता पिता से मिलने गए.  उन्होंने युवक के पिता को अपने आने का उद्देश्य बताया.  वर के पिता ने बात को आगे बढ़ाते हुए उनसे पूछा, क्या आपके पास रीतिका की जन्म कुंडली है ? 

           रीतिका के पिता ने जी हाँ कहते हुए तुरंत जन्म कुंडली उनके सामने रख दी . साथ ही उन्होंने एक शर्त भी रखीं. 

रीतिका की जन्म कुंडली ,  वर की जन्म कुंडली के साथ - साथ वर के माता - पिता की जन्म कुंडली से भी मिलाई जाएगी. 

          क्योकि रीतिका के पिता नहीं चाहते की उनकी लाडली को लाखो रुपये खर्च करने के बाद भी ससुराल में किसी बात कोई तक़लीफ़  हो।

उदय श्री ताम्हणे