शनिवार, 19 सितंबर 2020

आजादी की समझ लघुकथाकार शेख़ शहज़ाद उस्मानी

शिक्षा के क्षेत्र में संलग्न सजग प्रहरी लघुकथाकार ने महसूस किया कि देश भक्ति एक नारा बन कर रह गई है। 

अपनी बात को उन्होंने लघुकथा विधा में पिरो कर हमें भेजा है आप भी पढ़िए: 
 
 आजादी की समझ 

शेख़ शहज़ाद उस्मानी 

                     वाइरस जनित महामारी काल में लॉकडाउन की पीड़ा सहने के बाद अनलॉक-3 की अनकही पीड़ायें। 

 फ़ीका-फ़ीका सा हर त्योहार। धारा 144  और गाइडलाइंस अनुसार स्वाधीनता दिवस वर्षगांठ का औपचारिक आयोजन। 
कइयों के अरमान मचल रहे थे।

                महामारी संक्रमण से पीड़ित पॉजिटिव एक युवा सरकारी अस्पताल के कक्ष की खिड़की से स्टेडियम में चल रहे कार्यक्रम को किसी तरह देखने की कोशिश कर रहा था।

               सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियाँ उड़ाते कुछ युवा उधर सड़क पर राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुऐ हाथ ऊपर लहरा-लहरा कर ऊंँचे स्वर में राष्ट्र भक्ति के नारे लगा रहे थे, और इधर उस युवा का हाथ बरबस ही ऊपर उठ गया और उसके होंठ कुछ बुदबुदाने लगे। 

यह सब एक नर्स ने देख लिया।

          "उधर मत देखिये आप! इधर देखिए!... 
देखिये किस तरह लोग नियमों और गाइडलाइंस का
पालन कर सुरक्षित पंद्रह अगस्त का कार्यक्रम मना रहे हैं!" 

नर्स ने अपने स्मार्ट फ़ोन पर एक लाइव कार्यक्रम दिखाते हुए कहा। 

 "सब अंडरस्टैंडिंग की बात है! जानकारी सभी को
है... लेकिन देश भक्ति का सेन्स नहीं है!"

उसने नर्स के मधुर स्वर में सब कुछ सुनते हुए, उसे स्थिर निगाहों से देखा।

          "आप यहाँ पूरी गाइडलाइंस फॉलो कर रहे हैं! यह भी देश भक्ति ही है!" 

यह कहते हुए नर्स ने उसे आज की दवा-ख़ुराक दी और बोली। 

            "ज़ल्द ही आप भी ठीक होकर डिस्चार्ज़ हो जायेंगे! घर जाकर सबको समझायेंगे, तो वह भी देश भक्ति ही होगी और सेलिब्रेशन भी! आज़ादी की अंडरस्टैंडिंग होनी चाहिए सभी  में, बस!"






शेख़ शहज़ाद उस्मानी
(शिक्षक, रेडियो अनाउंसर, लेखक)
पुत्र  श्री शेख़ रहमतुल्लाह उस्मानी

संतुष्टि अपार्टमेंट्स,
विंग : बी-2- एस  (टॉप फ़्लोर) फ़्लैट

ग्वालियर  बाईपास ए.बी. रोड,

उपडाकघर - कत्थामिल

ज़िला -शिवपुरी (मध्यप्रदेश)

पिनकोड - 473-638

(भारत)

सम्पर्क फोन नं.

[वाट्सएप नंबर -  9406589589 Bsnl]

अन्य - 07987465975 jio 
*