गुरुवार, 1 अक्टूबर 2020

बुरी लड़की लघुकथाकार अनूपा हरबोला

 







लघुकथा 

*

बुरी लड़की 

*


            "पूरी दुनिया में  यही  मिली  तुझे दोस्त बनाने के लिए...।" 


            " हाँ ! क्योंकि दोस्त बाज़ार में नही मिलते अपने आप बन जाते हैं ...।   हम दोनों एक दूसरे के साथ कम्फ़र्टेबल हैं  और  वर्किंग आर भी एक जैसे हैं...।" 


     "ऑफिस की दोस्ती ऑफिस तक रख,  क्या ज़रूरत है उसके साथ शॉपिंग, मूवी या आउटिंग जाने की, जानती है! कुछ भी उसके बारे में। दूर रह उससे अच्छी लड़की नही है वो काफ़ी चर्चे हैं उसके।" 


          "कुछ भी बोलती हो आप ... बहुत लो फील होता है मुझे आपकी ये  बिना सिर पैर की बातें सुनकर । " 


      "तुझे तो हमेशा मेरी बातें लो फील ही कराती हैं. .. पर दूर रह उससे,  पता है रेप हुआ था उसके साथ पिछले साल।  मिसेज शर्मा कह रही थी कि पेपर में भी आया था उसके बारे में। उसे तेरे साथ देख कर पहचान गयीं वो उसे... । वो कह रही थी दूर रखो अपनी बेटी को उससे, ऐसी लड़कियों के साथ दोस्ती ठीक नहीं।" 


        "माँ! चर्चे तो होंगे ही । क्योंकि रेप के बाद भी खुद को मजबूत जो रखा है उसने...। 


*

अनूपा हरबोला 

*

असम 

*