इंदुमति और श्रीपाद श्रीनिवास की स्मृति को समर्पित साहित्यिक अव्यवसायिक ब्लाॅग पत्रिका
" जो "
बाहर है !
" वही "
भीतर है !
तभी
" स्वर्ग "
का द्वार
खुलता है !
उदय श्री.श्री. ताम्हणे
दिल