रविवार, 27 जून 2021

हरि: नाम का प्याला रचयिता अशोक श्रीपाद श्रीनिवास ताम्हणे

 




हरिः नाम का प्याला 

       हरिः नाम का प्याला से मेरा तात्पर्य उस नशे से है जो परमपिता परमेश्वर का स्मरण कराये।  

           हरिः नाम का प्याला का अर्थ है , " कर्म " करो।  सब का मालिक एक है। 

      चारो धाम जैसा हरिः नाम का प्याला।  

        ईश्वर है ऐसा जो जानते है ,  वो श्रेष्ठ पद पाते  है।  जो इधर - उधर उसकी लीला देखकर जान जाते है , वे भी श्रेष्ठ पद की ओर अग्रसर होने लगते है।  जो उसे कही भी पहचानने से इंकार करते रहते है।  वे पतन की राह लेते है।  हो सकता है " ईश्वर " ने हमे यह जिम्मेदारी दी हो कि जो यह नहीं जानते उन्हें हम बताये !          

 शुभकामनाओ सहित !

                                                विनीत           अशोक श्रीपाद ताम्हणे  

रचनात्मक स्थान    

३१८ वैभव , सुरेन्द्र पैलेस ,

भोपाल मध्यप्रदेश