लघुकथा
कही ख़ुशी कही मायूसी
रेल्वे स्टेशन पर गाडी के रूकते ही बबलू जिद करने लगा ।
मम्मी आईस्क्रीम खाना है ।
माँ ने 50 रुपये का नोट पर्स से निकाल कर हाथ मे थमा दिया ।
" अंकल ! मैगो फ्लेवर आईसक्रीम दिजीए।
आईसक्रीम वाले ने नोट जेब के हवाले किया ।
"मैगो फ्लेवर खतम हो गया है, वनीला, आरेन्ज ले लिजीए।
"नहीं ! मुझे मैगो फ्लेवर ही चाहिऐ ।"
आईसक्रीम वाला : "आरेन्ज फ्लेवर भी अच्छा है । खा कर देखो राजा ।"
"ठीक है, दे दो ।"
खाते ही बबलू बोला "अरे! यह तो एकदम घटिया है।"
कंधे उचकाकर मुँह बिचकाया और आईसक्रीम डस्टबीन मे फेक दी ।
कचरा बिनने वाले बच्चे की उस पर नजर पड गयी, उसने लपक कर आईसक्रीम उठा ली ।
अब बबलू मायूस था और वह बच्चा खुश।
उदय श्री. ताम्हणे
भोपाल मध्यप्रदेश भारत
