लघुकथा
अमित्र
"वे" मेरे घनिष्ठ मित्र है!
अभी हाल ही मे थोड़ी अनबन हुई है! सो दूरिया हो गई है!
फेसबुक पर संदेश आ रहा है "उन्हे" मित्र बनाए!
अनजाने में ही सही "फ्रेंड रिक्वेस्ट" पर "क्लिक" हो गया है!
दूरियां नज़दीकिया बन गयी, अजब इत्तफाक है ....
उदय श्री. ताम्हणे
भोपाल मध्यप्रदेश भारत
