शनिवार, 7 नवंबर 2020

लघुकथा : अमित्र

लघुकथा 


अमित्र 


"वे" मेरे घनिष्ठ मित्र है!

 अभी हाल ही मे थोड़ी अनबन हुई है! सो दूरिया हो गई है! 

फेसबुक पर संदेश आ रहा है "उन्हे" मित्र बनाए! 

अनजाने में ही सही "फ्रेंड रिक्वेस्ट" पर "क्लिक" हो गया है! 

          दूरियां नज़दीकिया बन गयी, अजब इत्तफाक है ....


 उदय श्री. ताम्हणे 

भोपाल मध्यप्रदेश भारत