यह भी विचारणीय है .....
एक सुझाव :
फेसबुक जैसे समूहों पर एक ही प्रकार कि कई कई रचनाये उपलब्ध हो रही है! ऐसी स्थिति में समीक्षकों पर भी बहुत जिम्मेदारी आ जाती है कि वे अत्यंत सावधानी पूर्वक समीक्षा ( टिप्पणी) करे! क्योकि यदि एक रचना पर उनके द्वारा सकारात्मक समीक्षा की गई और उसी प्रकार की अन्य रचना पर नकारात्मक ( भिन्न) समीक्षा हो गई तो विवादात्मक सन्देश जाने की सम्भावना बनती है !
उदय श्री ताम्हणे
भोपाल मध्यप्रदेश
